यूपी की 80 में से 17 आरक्षित लोकसभा सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए हैं। राज्य में कोई लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नहीं है। 2024 में इन 17 सीटों में से भाजपा ने 8 और सपा ने 7 जीतीं। कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को एक-एक सीट मिली। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
भाजपा की 8 आरक्षित लोकसभा सीटें
- बुलंदशहर: भोला सिंह, अंतर 2,75,134
- आगरा: एस.पी. सिंह बघेल, अंतर 2,71,294
- हाथरस: अनूप प्रधान वाल्मीकि, अंतर 2,47,318
- बहराइच: आनंद कुमार, अंतर 64,227
- शाहजहांपुर: अरुण कुमार सागर, अंतर 55,379
- मिसरिख: अशोक कुमार रावत, अंतर 33,406
- हरदोई: जय प्रकाश, अंतर 27,856
- बांसगांव: कमलेश पासवान, अंतर 3,150
सपा की 7 सीटें
सपा ने जो आरक्षित लोकसभा सीटें जीतीं, उनमें से छह पर अंतर 50 हजार से ज्यादा रहा। सिर्फ मछलीशहर में अंतर इससे कम था।
- रॉबर्ट्सगंज: छोटेलाल, अंतर 1,29,234
- लालगंज: दरोगा प्रसाद सरोज, अंतर 1,15,023
- कौशांबी: पुष्पेंद्र सरोज, अंतर 1,03,944
- मोहनलालगंज: आर.के. चौधरी, अंतर 70,292
- इटावा: जितेंद्र कुमार दोहरे, अंतर 58,419
- जालौन: नारायण दास अहिरवार, अंतर 53,898
- मछलीशहर: प्रिया सरोज, अंतर 35,850
कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी
बाराबंकी में कांग्रेस के तनुज पुनिया 2,15,704 वोटों से जीते। उन्हें 56.14% वोट मिले। नगीना में आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद 1,51,473 वोटों से जीते। इस जीत का ब्योरा चंद्रशेखर आजाद की नगीना जीत लेख में है।
सबसे बड़ी और सबसे छोटी जीत
यूपी की आरक्षित लोकसभा सीटें कई तरह के नतीजे दिखाती हैं। इनमें सबसे बड़ा अंतर बुलंदशहर में रहा, जहां भाजपा के भोला सिंह को 57.02% वोट मिले। सबसे करीबी मुकाबला बांसगांव में रहा। वहां भाजपा ने कांग्रेस को सिर्फ 3,150 वोटों से हराया। रॉबर्ट्सगंज में सपा ने भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) को हराया।
आरक्षित लोकसभा सीटें: कुल वोटों का हिसाब
आयोग के सीटवार आंकड़ों को जोड़ने पर इन 17 सीटों की कुल तस्वीर इस तरह बनती है:
- भाजपा: 77.71 लाख वोट, करीब 42.2%
- सपा: 61.86 लाख वोट, करीब 33.6%
- बसपा: 18.16 लाख वोट, करीब 9.9%
- कांग्रेस: 14.68 लाख वोट, करीब 8%
यह तस्वीर पूरे प्रदेश के नतीजों के काफी करीब है। प्रदेश में भाजपा को 41.67% और सपा को 33.84% वोट मिले थे। इन 17 सीटों पर कुल 3.28 करोड़ मतदाता थे और करीब 56.7% मतदान हुआ।
बसपा तीसरे स्थान पर
बसपा का दलित राजनीति में लंबा आधार रहा है। लेकिन 2024 में वह इन 17 में से 16 सीटों पर तीसरे स्थान पर रही। नगीना में वह चौथे स्थान पर रही। यानी किसी भी आरक्षित सीट पर बसपा मुख्य मुकाबले में नहीं थी।
विश्लेषण: पश्चिम में भाजपा, पूर्व और मध्य में सपा
भाजपा की जीती आरक्षित लोकसभा सीटें ज्यादातर पश्चिमी और रुहेलखंड इलाके में हैं, जैसे बुलंदशहर, आगरा, हाथरस और शाहजहांपुर। सपा की जीत ज्यादातर पूर्वी और मध्य यूपी में रही, जैसे लालगंज, मछलीशहर, कौशांबी और मोहनलालगंज। बसपा का इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं जीता। विधानसभा की आरक्षित सीटों पर यूपी की आरक्षित सीटें लेख पढ़ें। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; परिसीमन आदेश 2008।
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