2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 8 सीटों पर जीत का अंतर 1,000 वोट से कम और 47 सीटों पर 5,000 वोट से कम रहा। भारत निर्वाचन आयोग के विस्तृत परिणाम के आधार पर UP Election News ने 2017 की 20 सबसे करीबी सीटों की सूची तैयार की है। सबसे कम अंतर डुमरियागंज में रहा, जहां फैसला सिर्फ 171 वोटों से हुआ।
2017 की 20 सबसे करीबी सीटें
| सीट (जिला) | विजेता (दल) | उपविजेता दल | अंतर |
|---|---|---|---|
| डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) | राघवेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा) | बसपा | 171 |
| मीरापुर (मुजफ्फरनगर) | अवतार सिंह भड़ाना (भाजपा) | सपा | 193 |
| मांट (मथुरा) | श्याम सुंदर शर्मा (बसपा) | रालोद | 432 |
| श्रावस्ती (श्रावस्ती) | राम फेरन (भाजपा) | सपा | 445 |
| मोहनलालगंज (लखनऊ) | अंबरीश सिंह पुष्कर (सपा) | बसपा | 530 |
| मुहम्मदाबाद-गोहना (मऊ) | श्रीराम सोनकर (भाजपा) | बसपा | 538 |
| रामपुर मनिहारान (सहारनपुर) | देवेंद्र कुमार निम (भाजपा) | बसपा | 595 |
| मुबारकपुर (आजमगढ़) | शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली (बसपा) | सपा | 688 |
| दुद्धी (सोनभद्र) | हरिराम (अपना दल (एस)) | बसपा | 1,085 |
| भदोही (भदोही) | रवींद्र नाथ त्रिपाठी (भाजपा) | सपा | 1,105 |
| पट्टी (प्रतापगढ़) | राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती (भाजपा) | सपा | 1,473 |
| मटेरा (बहराइच) | यासर शाह (सपा) | भाजपा | 1,595 |
| बांसडीह (बलिया) | राम गोविंद चौधरी (सपा) | निर्दलीय | 1,687 |
| टांडा (अंबेडकर नगर) | संजू देवी (भाजपा) | सपा | 1,725 |
| महमूदाबाद (सीतापुर) | नरेंद्र सिंह वर्मा (सपा) | भाजपा | 1,906 |
| ऊंचाहार (रायबरेली) | मनोज कुमार पांडेय (सपा) | भाजपा | 1,934 |
| भरथना (इटावा) | सावित्री कठेरिया (भाजपा) | सपा | 1,968 |
| नजीबाबाद (बिजनौर) | तस्लीम अहमद (सपा) | भाजपा | 2,002 |
| लालगंज (आजमगढ़) | आजाद अरि मर्दन (बसपा) | भाजपा | 2,227 |
| गैंसड़ी (बलरामपुर) | शैलेश कुमार सिंह (भाजपा) | बसपा | 2,303 |
मंडल और आरक्षण के हिसाब से
2017 की सबसे करीबी सूची की इन 20 सीटों को मंडलवार देखें तो आजमगढ़ मंडल की 4, देवीपाटन मंडल की 3, लखनऊ मंडल की 3, सहारनपुर मंडल की 2, मिर्जापुर मंडल की 2 सीटें इसमें शामिल हैं। इनमें 6 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वालों में सपा को 7, बसपा को 6, भाजपा को 5, रालोद को 1, निर्दलीय को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। इन सीटों से 2 महिला उम्मीदवार जीतीं।
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
किस दल ने जीतीं करीबी सीटें
इन 20 सबसे करीबी सीटों में भाजपा को 10, सपा को 6, बसपा को 3, अपना दल (एस) को 1 सीट मिली। करीबी मुकाबलों में जीत-हार का असर कुल सीटों पर सीधा पड़ता है, क्योंकि कुछ सौ वोट इधर-उधर होने से सीट दूसरे दल के पास जा सकती है।
विश्लेषण
47 सीटों पर 5,000 से कम अंतर का मतलब है कि 2017 में करीब 11.7% सीटें बेहद करीबी रहीं। ऐसी सीटों पर नोटा, छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिले वोट भी नतीजे के लिहाज से अहम हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, सबसे करीबी सीट डुमरियागंज पर नोटा को 1,611 वोट मिले, जबकि जीत का अंतर 171 वोट था।
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित ऐसे विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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