मेरठ मंडल के 6 जिलों (मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़) में विधानसभा की 28 सीटें हैं। 2017 में यहां भाजपा को 25, सपा को 1, रालोद को 1, बसपा को 1 सीटें जीती थीं, जबकि 2022 में नतीजा भाजपा को 23, सपा को 3, रालोद को 2 रहा। इस विश्लेषण में UP Election News ने भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से देखा है कि मंडल में सीटें, वोट शेयर, जीत का अंतर और मतदान कैसे बदले।
सीटों का बदलाव
| दल | 2017 | 2022 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| भाजपा | 25 | 23 | -2 |
| सपा | 1 | 3 | +2 |
| रालोद | 1 | 2 | +1 |
| बसपा | 1 | 0 | -1 |
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग। 2022 में भाजपा गठबंधन (भाजपा, अपना दल (एस), निषाद पार्टी) को मंडल में 23 और सपा गठबंधन (सपा, रालोद, सुभासपा, अपना दल (कमेरावादी)) को 5 सीटें मिलीं।
जिलेवार तस्वीर
| जिला | सीटें | 2017 | 2022 | मतदान 2022 |
|---|---|---|---|---|
| मेरठ | 7 | भाजपा 6, सपा 1 | सपा 3, भाजपा 3, रालोद 1 | 64.71% |
| बागपत | 3 | भाजपा 2, रालोद 1 | भाजपा 2, रालोद 1 | 64.78% |
| बुलंदशहर | 7 | भाजपा 7 | भाजपा 7 | 65.12% |
| गौतम बुद्ध नगर | 3 | भाजपा 3 | भाजपा 3 | 55.84% |
| गाजियाबाद | 5 | भाजपा 5 | भाजपा 5 | 55.06% |
| हापुड़ | 3 | भाजपा 2, बसपा 1 | भाजपा 3 | 67.48% |
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है।
किन सीटों पर बदला विजेता
2017 से 2022 के बीच 4 सीटों पर विजेता दल बदल गया: सिवालखास (भाजपा से रालोद); सरधना (भाजपा से सपा); किठौर (भाजपा से सपा); धौलाना (बसपा से भाजपा)। बाकी 24 सीटों पर वही दल जीता जिसने 2017 में जीत दर्ज की थी।
2022 के सबसे करीबी पांच मुकाबले
| सीट | जिला | विजेता दल | उपविजेता दल | अंतर |
|---|---|---|---|---|
| बड़ौत | बागपत | भाजपा | रालोद | 315 |
| किठौर | मेरठ | सपा | भाजपा | 2,180 |
| बागपत | बागपत | भाजपा | रालोद | 6,733 |
| हापुड़ | हापुड़ | भाजपा | रालोद | 7,034 |
| हस्तिनापुर | मेरठ | भाजपा | सपा | 7,312 |
दूसरी तरफ, मंडल की तीन सबसे बड़ी जीत साहिबाबाद (भाजपा, 2,14,835 वोट), नोएडा (भाजपा, 1,81,513 वोट), दादरी (भाजपा, 1,38,218 वोट) में दर्ज हुईं। 2022 में मंडल की 8 सीटों पर जीत का अंतर 10,000 वोट से कम रहा।
वोट शेयर और बहुमत वाली जीत
2022 में मंडल के कुल 72,80,810 वैध वोटों (नोटा सहित) में भाजपा को 51.50%, सपा को 17.40%, बसपा को 11.24%, कांग्रेस को 1.54%, रालोद को 14.88% वोट मिले। 15 सीटों पर विजेता को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले।
मतदान का रुझान
2017 में मंडल में औसत मतदान करीब 62.18% था, जो 2022 में 61.54% रहा। इसी अवधि में कुल मतदाता 1,06,94,456 से बढ़कर 1,18,31,550 हो गए। 2022 में मंडल की सीटों पर कुल 33,853 मतदाताओं ने नोटा चुना। मंडल से 2022 में 2 महिला विधायक चुनी गईं।
विश्लेषण: 2027 के लिए क्या संकेत
आंकड़े दिखाते हैं कि 2022 में मेरठ मंडल में भाजपा को ज्यादा सीटें मिलीं। जिन सीटों पर अंतर 5,000 वोट से कम रहा, वहां थोड़ा सा वोट खिसकना भी नतीजा बदल सकता है; मंडल में ऐसी 2 सीटें थीं। रालोद और सुभासपा के 2022 के बाद NDA में जाने से भी कुछ सीटों का गठबंधन गणित बदला है। ये संकेत पिछले नतीजों पर आधारित हैं, 2027 का अनुमान नहीं। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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