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विश्लेषण

यूपी चुनाव 2017 से 2022: 125 सीटों पर बदला विजेता दल, जानिए किसने किससे सीट छीनी

2017 और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में 125 सीटों पर विजेता दल बदला। 59 सीटें भाजपा से सपा के पास गईं।

यूपी में 2017 से 2022 के बीच बदली विधानसभा सीटों का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

2017 और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों की सीटवार तुलना करें तो 403 में से 125 सीटों पर विजेता दल बदल गया, जबकि 278 सीटों पर वही दल दोबारा जीता। UP Election News ने भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से देखा है कि कौन सी सीटें किस दल से किस दल के पास गईं।

मंडल और आरक्षण के हिसाब से

2017 से 2022 के बीच बदलने वाली सीटों की इन 125 सीटों को मंडलवार देखें तो प्रयागराज मंडल की 18, आजमगढ़ मंडल की 13, लखनऊ मंडल की 12, अयोध्या मंडल की 10, वाराणसी मंडल की 10 सीटें इसमें शामिल हैं। इनमें 25 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वालों में भाजपा को 79, सपा को 32, अपना दल (एस) को 4, निषाद पार्टी को 3, बसपा को 2, अपना दल (कमेरावादी) को 2, सुभासपा को 2, निर्दलीय को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। इन सीटों से 16 महिला उम्मीदवार जीतीं।

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सीटों का लेन-देन: 2017 से 2022

2017 में विजेता 2022 में विजेता सीटें
भाजपा सपा 59
बसपा सपा 11
सपा भाजपा 10
भाजपा अपना दल (एस) 8
भाजपा रालोद 6
बसपा भाजपा 5
कांग्रेस सपा 4
अपना दल (एस) भाजपा 4
भाजपा सुभासपा 3
भाजपा निषाद पार्टी 3
कांग्रेस भाजपा 2
निर्दलीय जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) 2
सुभासपा भाजपा 2
बसपा रालोद 1
अपना दल (एस) सपा 1
भाजपा कांग्रेस 1
निर्दलीय निषाद पार्टी 1
बसपा सुभासपा 1
सपा निषाद पार्टी 1

तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।

किसने बचाईं अपनी सीटें

भाजपा ने 2017 में जीती 312 सीटों में से 232 सीटें 2022 में दोबारा जीतीं। सपा ने 2017 में जीती 47 सीटों में से 36 सीटें 2022 में दोबारा जीतीं। बसपा ने 2017 में जीती 19 सीटों में से 1 सीटें 2022 में दोबारा जीतीं। कांग्रेस ने 2017 में जीती 7 सीटों में से 1 सीटें 2022 में दोबारा जीतीं। अपना दल (एस) ने 2017 में जीती 9 सीटों में से 4 सीटें 2022 में दोबारा जीतीं।

विश्लेषण

सबसे बड़ा लेन-देन भाजपा से सपा की ओर हुआ: 59 सीटें 2017 में भाजपा ने जीती थीं, जो 2022 में सपा के पास चली गईं। उलटी दिशा में 10 सीटें सपा से भाजपा के पास गईं। बसपा ने 2017 में 19 सीटें जीती थीं, लेकिन 2022 में उसे सिर्फ 1 सीट मिली। ये आंकड़े बताते हैं कि दोनों बड़े दलों के बीच सीधी टक्कर वाली सीटें यूपी के चुनावी नतीजे तय करती हैं।

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उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित ऐसे विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।

यह भी पढ़ें:

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।

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