अजय कुमार उत्तर प्रदेश की छपरौली विधानसभा सीट (क्रमांक 50) से विधायक हैं। यह सीट बागपत जिले में आती है और Bagpat लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में अजय कुमार रालोद के टिकट पर जीते थे।
UP Election News की इस प्रोफाइल में अजय कुमार के चुनावी सफर, छपरौली सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।
2022 का चुनाव: छपरौली में कितने वोट, कितना अंतर
2022 के विधानसभा चुनाव में छपरौली सीट पर अजय कुमार (रालोद) को 1,11,880 वोट यानी 53.30% वोट मिले। दूसरे स्थान पर सहेंद्र सिंह रमाला (भाजपा) रहे, जिन्हें 82,372 वोट (39.24%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 29,508 वोट रहा, जिसे साफ जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के साहिक को 9,774 वोट मिले।
इस चुनाव में सीट पर कुल 3,37,033 मतदाता थे और मतदान 62.28% रहा। मैदान में 11 उम्मीदवार थे, जबकि 886 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
2017 में छपरौली सीट का हाल
2017 के विधानसभा चुनाव में छपरौली सीट रालोद के सहेंद्र सिंह रमाला ने जीती थी। उन्हें 65,124 वोट (32.71%) मिले थे और उन्होंने भाजपा के सतेंद्र सिंह को 3,842 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 62.95% रहा था। यानी 2022 में रालोद ने यह सीट बरकरार रखी।
| चुनाव | विजेता | दल | वोट | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|
| 2017 | सहेंद्र सिंह रमाला | रालोद | 65,124 | 3,842 |
| 2022 | अजय कुमार | रालोद | 1,11,880 | 29,508 |
हलफनामे में क्या जानकारी दी गई
2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 64 साल थी और शैक्षणिक योग्यता डॉक्टरेट है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹4,45,36,185 (करीब 4.45 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी और कोई देनदारी नहीं दिखाई थी। हलफनामे के मुताबिक उन पर 1 आपराधिक मामला घोषित था।
ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।
बागपत जिले और 2027 के लिहाज से सीट
बागपत जिले में विधानसभा की 3 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 2, रालोद 1 सीटें जीती थीं। छपरौली में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,17,978 से बढ़कर 3,37,033 हुई और मतदान 0.67 प्रतिशत अंक घटा। नोटा को 2017 में 1,027 और 2022 में 886 वोट मिले थे।
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। छपरौली में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर अजय कुमार का हलफनामा।


