बीरेंद्र सिंह राणा उत्तर प्रदेश की सिकंदराराऊ विधानसभा सीट (क्रमांक 80) से विधायक हैं। यह सीट हाथरस जिले में आती है और हाथरस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीरेंद्र सिंह राणा भाजपा के टिकट पर जीते थे।
UP Election News की इस प्रोफाइल में बीरेंद्र सिंह राणा के चुनावी सफर, सिकंदराराऊ सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।
2022 का चुनाव: सिकंदराराऊ में कितने वोट, कितना अंतर
2022 के विधानसभा चुनाव में सिकंदराराऊ सीट पर बीरेंद्र सिंह राणा (भाजपा) को 98,094 वोट यानी 41.63% वोट मिले। दूसरे स्थान पर डॉ. ललित प्रताप बघेल (सपा) रहे, जिन्हें 89,990 वोट (38.19%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 8,104 वोट रहा, जिसे करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के अवधेश कुमार सिंह को 41,781 वोट मिले।
इस चुनाव में सीट पर कुल 3,77,684 मतदाता थे और मतदान 62.39% रहा। मैदान में 12 उम्मीदवार थे, जबकि 1,178 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
2017 में सिकंदराराऊ सीट का हाल
2017 के विधानसभा चुनाव में सिकंदराराऊ सीट भाजपा के बीरेंद्र सिंह राणा ने जीती थी। उन्हें 76,129 वोट (35.44%) मिले थे और उन्होंने बसपा के बानी सिंह बघेल को 14,772 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 61.74% रहा था। यानी 2022 में भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी। बीरेंद्र सिंह राणा 2017 में भी इसी सीट से जीते थे, इसलिए 2022 की जीत उनकी यहां से लगातार दूसरी जीत थी।
| चुनाव | विजेता | दल | वोट | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|
| 2017 | बीरेंद्र सिंह राणा | भाजपा | 76,129 | 14,772 |
| 2022 | बीरेंद्र सिंह राणा | भाजपा | 98,094 | 8,104 |
हलफनामे में क्या जानकारी दी गई
2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 63 साल थी और शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹11,33,98,881 (करीब 11.34 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹26,06,928 (करीब 26.07 लाख रुपये) बताई गई थीं। हलफनामे के मुताबिक उन पर कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं था।
ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।
हाथरस जिले और 2027 के लिहाज से सीट
हाथरस जिले में विधानसभा की 3 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 2, रालोद 1 सीटें जीती थीं। सिकंदराराऊ में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,50,277 से बढ़कर 3,77,684 हुई और मतदान 0.65 प्रतिशत अंक बढ़ा। नोटा को 2017 में 1,426 और 2022 में 1,178 वोट मिले थे।
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। सिकंदराराऊ में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर बीरेंद्र सिंह राणा का हलफनामा।


