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भाजपा (BJP)

देवेंद्र सिंह: कासगंज से भाजपा के विधायक, 2022 में 46,265 वोट से जीत

देवेंद्र सिंह कासगंज विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। 2022 में 46,265 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

देवेंद्र सिंह (कासगंज विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

देवेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश की कासगंज विधानसभा सीट (क्रमांक 100) से विधायक हैं। यह सीट कासगंज जिले में आती है और एटा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में देवेंद्र सिंह भाजपा के टिकट पर जीते थे।

UP Election News की इस प्रोफाइल में देवेंद्र सिंह के चुनावी सफर, कासगंज सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: कासगंज में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में कासगंज सीट पर देवेंद्र सिंह (भाजपा) को 1,23,410 वोट यानी 52.67% वोट मिले। दूसरे स्थान पर मन पाल सिंह (सपा) रहे, जिन्हें 77,145 वोट (32.92%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 46,265 वोट रहा, जिसे साफ जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के मो. आरिफ को 23,001 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 3,64,023 मतदाता थे और मतदान 64.37% रहा। मैदान में 11 उम्मीदवार थे, जबकि 1,264 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में कासगंज सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में कासगंज सीट भाजपा के देवेंद्र सिंह राजपूत ने जीती थी। उन्हें 1,01,908 वोट (46.73%) मिले थे और उन्होंने सपा के हसरत उल्लाह शेरवानी को 52,030 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 63.67% रहा था। यानी 2022 में भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 देवेंद्र सिंह राजपूत भाजपा 1,01,908 52,030
2022 देवेंद्र सिंह भाजपा 1,23,410 46,265

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 57 साल थी और शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹2,43,26,701 (करीब 2.43 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी और कोई देनदारी नहीं दिखाई थी। आपराधिक मामलों के कॉलम में हलफनामे के मुताबिक उन पर 2 मामले घोषित थे।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

कासगंज जिले और 2027 के लिहाज से सीट

कासगंज जिले में विधानसभा की 3 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 2, सपा 1 सीटें जीती थीं। कासगंज में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,45,711 से बढ़कर 3,64,023 हुई और मतदान 0.70 प्रतिशत अंक बढ़ा। नोटा को 2017 में 2,023 और 2022 में 1,264 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। कासगंज में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर देवेंद्र सिंह का हलफनामा।

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