ब्लॉक प्रमुख चुनाव यूपी के पंचायत चुनाव का अहम हिस्सा है। ब्लॉक प्रमुख को कानून में क्षेत्र पंचायत प्रमुख कहा जाता है। इस पद के लिए आम ग्रामीण मतदाता सीधे वोट नहीं डालते। वे पहले क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनते हैं। फिर ये सदस्य अपने बीच से प्रमुख चुनते हैं। यह लेख संविधान और राज्य के कानून पर आधारित है।
क्षेत्र पंचायत क्या है
त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में ग्राम पंचायत सबसे नीचे और जिला पंचायत सबसे ऊपर है। बीच का स्तर क्षेत्र पंचायत है, जो विकास खंड यानी ब्लॉक के स्तर पर बनती है। संविधान का अनुच्छेद 243B बीच के स्तर की पंचायत का प्रावधान करता है। यूपी में यह उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961 के तहत काम करती है। तीनों स्तरों की जानकारी त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लेख में है।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दो चरण
पहला चरण: क्षेत्र पंचायत सदस्य
पंचायत चुनाव में ग्रामीण मतदाता चार पदों के लिए वोट डालता है। इनमें एक वोट क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए होता है। आम बोलचाल में इन्हें BDC सदस्य कहा जाता है। हर ब्लॉक को कई वार्डों में बांटा जाता है। हर वार्ड से एक सदस्य चुना जाता है। यह चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।
दूसरा चरण: प्रमुख का चुनाव
सदस्यों के नतीजों के बाद राज्य निर्वाचन आयोग प्रमुख चुनाव का अलग कार्यक्रम जारी करता है। इसमें नामांकन, जांच, नाम वापसी और मतदान की तारीखें होती हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सिर्फ निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य वोट डालते हैं। प्रमुख भी इन्हीं सदस्यों में से चुना जाता है। अगर एक ही वैध नामांकन बचे, तो उम्मीदवार निर्विरोध चुना जाता है।
प्रमुख पद पर आरक्षण
संविधान के अनुच्छेद 243D के अनुसार हर स्तर की पंचायत के अध्यक्ष पदों पर आरक्षण लागू होता है। SC और ST के लिए आरक्षण आबादी के अनुपात में होता है। कम से कम एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं। यूपी में पिछड़े वर्ग के लिए भी आरक्षण है। आरक्षण चक्रानुक्रम से बदलता है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव से पहले सरकार तय करती है कि किस ब्लॉक में प्रमुख का पद किस वर्ग के लिए होगा। विस्तार से जानकारी पंचायत चुनाव में आरक्षण लेख में है।
प्रमुख की भूमिका
ब्लॉक प्रमुख क्षेत्र पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करता है। ब्लॉक स्तर की विकास योजनाओं पर फैसले क्षेत्र पंचायत की बैठक में होते हैं। प्रशासनिक काम के लिए ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी (BDO) तैनात होते हैं। कानून में प्रमुख के खिलाफ सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का प्रावधान भी है।
विश्लेषण: क्यों अहम है यह चुनाव
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मतदाता सिर्फ निर्वाचित सदस्य होते हैं। इसलिए हर वोट की कीमत बहुत ज्यादा होती है। राजनीतिक दल इन पदों को जमीनी पकड़ का पैमाना मानते हैं। इसी कारण आगामी पंचायत चुनाव के बाद होने वाला ब्लॉक प्रमुख चुनाव भी अहम रहेगा। विभाग की जानकारी पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर है।
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स्रोत: भारत का संविधान, अनुच्छेद 243B, 243C और 243D; उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961; पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश।
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