यूपी में महिला मतदाता पिछले तीन विधानसभा चुनावों से पुरुषों से ज्यादा अनुपात में वोट डाल रही हैं। चुनाव आयोग की रिपोर्टों के अनुसार 2012, 2017 और 2022, तीनों चुनावों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से ऊपर रहा। लेकिन उम्मीदवारों और विधायकों में उनकी हिस्सेदारी अब भी कम है। इस लेख में यही आंकड़े दिए गए हैं।
यूपी में महिला मतदाता: संख्या
2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में 7,01,58,984 महिला मतदाता थीं। पुरुष मतदाता 8,10,78,329 थे। यानी कुल 15.12 करोड़ मतदाताओं में महिलाएं करीब 46% थीं। तृतीय लिंग के 8,855 मतदाता थे, जिनमें से 521 ने वोट डाला। 2017 में ऐसे 7,292 मतदाताओं में से 277 ने वोट डाला था।
यूपी में महिला मतदाता 2017 में 6,46,13,751 और 2012 में 5,72,32,002 थीं। दस साल में महिला मतदाताओं की संख्या करीब 1.29 करोड़ बढ़ी।
मतदान प्रतिशत: महिलाएं आगे
- 2012: महिलाएं 60.28%, पुरुष 58.68%
- 2017: महिलाएं 63.31%, पुरुष 59.15%
- 2022: महिलाएं 62.22%, पुरुष 59.34%
यूपी में महिला मतदाता हर चुनाव में ज्यादा संख्या में बूथ तक पहुंचीं। 2022 के आंकड़े डाक मतपत्र को छोड़कर हैं। 2022 में 4,36,51,482 महिलाओं ने वोट डाला। 2017 में अंतर सबसे ज्यादा, करीब 4 प्रतिशत अंक रहा।
महिला उम्मीदवार और विधायक
विधानसभा
2012 में 583 महिलाएं चुनाव लड़ीं और 35 जीतीं। 2017 में 482 महिला उम्मीदवारों में से 42 जीतीं। 2022 में 559 महिलाएं मैदान में थीं और 47 जीतीं। यानी 403 सदस्यों वाली विधानसभा में 2022 में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 11.7% रही।
2022 में कुल 4,442 उम्मीदवारों में महिलाएं करीब 12.6% थीं। इनमें से 454 की जमानत जब्त हुई। विस्तार से यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त लेख में है।
लोकसभा 2024
2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों पर 851 उम्मीदवार थे। इनमें 80 महिलाएं थीं। सात महिलाएं जीतीं:
- डिंपल यादव (सपा), मैनपुरी
- इकरा चौधरी (सपा), कैराना
- रुचि वीरा (सपा), मुरादाबाद
- कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल (सपा), बांदा
- प्रिया सरोज (सपा), मछलीशहर
- हेमा मालिनी (भाजपा), मथुरा
- अनुप्रिया पटेल (अपना दल-एस), मिर्जापुर
सात में से पांच महिला सांसद सपा से हैं।
दलवार देखें तो सपा ने 62 में से 12 सीटों पर महिलाओं को उतारा और इनमें से 5 जीतीं। भाजपा ने 75 में से 7 सीटों पर महिला उम्मीदवार दिए, जिनमें से 1 जीतीं। बसपा की 3 और अपना दल (एस) की 2 महिला उम्मीदवार थीं। कांग्रेस की 17 सीटों में कोई महिला उम्मीदवार नहीं थी। 27 महिलाएं निर्दलीय लड़ीं।
विश्लेषण: वोट में आगे, टिकट में पीछे
यूपी में महिला मतदाता हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। फिर भी दलों के टिकट में उनकी हिस्सेदारी 13% से कम रही है। संसद ने 2023 में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का कानून पास किया है, जो परिसीमन के बाद लागू होगा। तब तक यूपी में महिला मतदाता और उम्मीदवारों के बीच यह अंतर बना रह सकता है। आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्ट में हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012, 2017 और 2022 की हाइलाइट रिपोर्टें; लोकसभा आम चुनाव 2024 के सीटवार नतीजे; संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम 2023।


